Q 1. गॉधीजी ने कहा था कि भारत
के गॉव मरते हैं तो भारत मरता है
...............। रेखांकित शब्द है।
- तत्सम
- तद् भव
- देशज
- विदेशी
Q 2. रेखांकित शब्द ‘प्रारब्ध‘ का अर्थ है -
- शुरू
- कार्य
- भाग्य
- देशी
Q 3. जिसका कोई न तो आदि हो न
अन्त हो, को कहते है -
- बुद्धि
- प्रारब्ध
- शाश्वत
- पूरक
Q 4. ‘‘भारतीय गॉव की विशेषता यह है कि
भविष्य के कृषि -औधोगिक समुदायों के निर्माण का एक पूर्व प्रस्तुत आधार वह बन सकता
है। ‘‘ रेखांकित शब्द है -
- संज्ञा
- सर्वनाम
- अव्यय
- विशेषण
Q 5. गॉधी जी ने कहा था कि भारत
के गॉव मरते है तो भारत भी मरता है। यह वाक्य है -
- सरल
- मिश्र
- संयुक्त
- उक्त कोई नहीं
Q 6. ‘‘जिन कर्मो मे किसी प्रकार
का कष्ट या हानि सहने का साहस अपेक्षित होता है, उन सबके प्रति उत्कण्ठापूर्ण आनंद उत्साह के अंतर्गत लिया
जाता है।‘‘ इस वाक्य मे क्रिया के रूप
सें किस काल का बोध होता है ?
- सामान्य भुतकाल
- सामान्य वर्तमान काल
- अपूर्ण वर्तमान
- अज्ञार्थ वर्तमान
Q 7. ‘‘बिना बेहोश हुए भारी फोड़ा
चिराने को तैयार होना साहस कहा जायेगा, पर उत्साह नहीं।‘‘ रचना की दृष्टि सें यह
वाक्य निम्न मे सें किस प्रकार का है ?
- सरल वाक्य
- मिश्र वाक्य
- सयुंक्त वाक्य
- प्रश्नवाचक वाक्य
Q 8. निम्न मे सें स्त्रीलिंग
शब्द नहीं है -
- पीड़ा
- मृत्यु
- वीरता
- प्रयोजन
Q 9. निम्न मे सें बहुवचन शब्द
है -
- युद्ध
- होश
- हाथ
- कष्ट
Q 10. ‘‘पर केवल कष्ट या पीड़ा सहन
करने के साहस मे ही उत्साह का स्वरूप स्फुरित नहीं होता।‘‘ इस वाक्य को आसन्न भूतकाल
मे किस प्रकार लिखा जावेगा ?
- ‘‘पर केवल कष्ट या पीड़ा
सहन करने के साहस मे ही उत्साह का स्वरूप स्फुरित नहीं होगा।‘‘
- ‘‘पर केवल कष्ट या पीड़ा
सहन करने के साहस मे ही उत्साह का स्वरूप स्फुरित नहीं हुआ है।‘‘
- पर केवल कष्ट या पीड़ा
सहन करने के साहस मे ही उत्साह का स्वरूप स्फुरित नहीं होता था।‘‘
- पर केवल कष्ट या पीड़ा
सहन करने के साहस मे ही उत्साह का स्वरूप स्फुरित नहीं होयेगा।‘‘


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